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26 Jul, 2026 by Admin

यूजीसी कानून के विरोध में संत समाज का आंदोलन तेज, 5 सितंबर को हरिद्वार से देहरादून तक गंगाजल पदयात्रा का ऐलान

मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे संत, मांगें नहीं मानी गईं तो देहरादून से दिल्ली कूच कर जंतर-मंतर पर आंदोलन की चेतावनी

हरिद्वार। यूजीसी कानून के विरोध में अब संत समाज भी खुलकर मैदान में उतरने की तैयारी में है। शांभवी धाम के पीठाधीश्वर एवं काली सेना के संस्थापक स्वामी आनंद स्वरूप ने 5 सितंबर, शिक्षक दिवस के अवसर पर हरिद्वार से देहरादून तक गंगाजल पदयात्रा निकालने की घोषणा की है।

स्वामी आनंद स्वरूप ने बताया कि इस पदयात्रा में विभिन्न संत संगठनों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। संत हरिद्वार से गंगाजल लेकर देहरादून पहुंचेंगे और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन सौंपेंगे। उनके अनुसार, ज्ञापन के माध्यम से यूजीसी कानून को वापस लेने और एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने की मांग की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेते हैं या ज्ञापन स्वीकार नहीं किया जाता, तो संत समाज देहरादून से सीधे दिल्ली के लिए कूच करेगा। इसके बाद जंतर-मंतर पर आंदोलन शुरू करने की भी चेतावनी दी गई है।

उत्तराखंड में अब तक विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करता रहा है, लेकिन अब संत समाज का यह आंदोलन सरकार को नई चुनौती दें सकता है। ऐसे समय में, जब प्रदेश में जल्द ही कुंभ मेले की तैयारियां तेज होंगी और देशभर से संतों का आगमन शुरू होने वाला है, संतों की नाराजगी सरकार के लिए राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर अहम साबित हो सकती है। अब देखना होगा कि सरकार इस असंतोष को संवाद से शांत कर पाती है या यह आंदोलन आगे और व्यापक रूप लेता है।