रुद्रपुर। उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और प्रकृति संरक्षण के प्रतीक हरेला पर्व के अवसर पर एलएससी इन्फ्राटेक लिमिटेड (कुमार ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज) द्वारा किच्छा बाईपास रोड, रुद्रपुर में वृहद वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधरोपण तक सीमित न रहकर पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास और भावी पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने का संदेश देना रहा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ कंपनी के निदेशक अभिषेक अग्रवाल तथा जिला खान अधिकारी मनीष परिहार ने संयुक्त रूप से पौधे लगाकर किया। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण और उनके नियमित रखरखाव का भी संकल्प लिया। कार्यक्रम में कंपनी के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

"हरेला केवल पर्व नहीं, प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का संकल्प है" — अभिषेक अग्रवाल
कंपनी के निदेशक अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि हरेला पर्व उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत का ऐसा पर्व है, जो प्रकृति, हरियाली और जीवन के संरक्षण का संदेश देता है। यह पर्व हमें केवल पौधे लगाने के लिए प्रेरित नहीं करता, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी सौंपता है।
उन्होंने कहा कि आज जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ते प्रदूषण जैसी चुनौतियों से निपटने का सबसे प्रभावी और सरल उपाय अधिक से अधिक वृक्षारोपण है। प्रत्येक नागरिक यदि वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करने का संकल्प ले, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।
उन्होंने बताया कि कुमार ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज अपने विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों एवं परियोजनाओं में अब तक हजारों पौधे रोपित कर चुका है तथा इस मानसून सत्र में भी अनेक स्थानों पर व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने उत्तराखंड सरकार के "एक पेड़ मां के नाम" अभियान की सराहना करते हुए कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने सभी नागरिकों से हरेला पर्व के अवसर पर पौधरोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का आह्वान किया।

"पौधे लगाना ही नहीं, उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी" — मनीष परिहार
जिला खान अधिकारी मनीष परिहार ने कहा कि हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ आत्मीय संबंध स्थापित करने की प्रेरणा देता है। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं का विषय नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि उनके अनुरोध पर एलएससी इन्फ्राटेक द्वारा पिछले माह बाजपुर के एक इंटर कॉलेज परिसर में भी फलदार एवं छायादार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया था। उन्होंने कंपनी द्वारा लगातार पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों की सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) तभी सार्थक होती है, जब विकास के साथ प्रकृति संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल, सुरक्षा और सिंचाई सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। जब समाज, उद्योग और प्रशासन मिलकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हैं, तभी स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त भारत का सपना साकार हो सकता है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने हरेला पर्व की भावना के अनुरूप अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, उनका संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी का अभियान बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
