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25 Jul, 2026 by Admin

माँ जिया रानी के जयघोष से गूंजा द्वाराहाट, चित्रशिला धाम तक निकली ऐतिहासिक यात्रा


अल्मोड़ा

देवभूमि उत्तराखंड की सनातन आस्था, लोक परंपराओं और कत्यूरी संस्कृति का अद्भुत संगम मानी जाने वाली ऐतिहासिक चित्रशिला धाम (रानीबाग) यात्रा आज अल्मोड़ा जनपद के द्वाराहाट क्षेत्र से श्रद्धा और भक्ति के अपार उत्साह के बीच विधिवत आरंभ हो गई। माँ जिया रानी और नौ लाख कत्यूर देवताओं के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। परंपरागत वाद्ययंत्रों, भजन-कीर्तन और देव डंगरों की दिव्य उपस्थिति ने यात्रा को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। यह यात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की प्राचीन लोक आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का जीवंत प्रतीक भी है।


द्वाराहाट विकासखंड के विजयपुर घघलोड़ी, दैरी और धनखलगांव से माँ जिया रानी एवं नौ लाख कत्यूर देवताओं की डोलियों के साथ यात्रा का शुभारंभ हुआ। पिछले दस दिनों से धनखलगांव में वैदिक विधि-विधान और धार्मिक अनुष्ठानों के संपन्न होने के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालु और देव डंगर पदयात्रा करते हुए चित्रशिला धाम की ओर रवाना हुए। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर देव डंगरों और यात्रियों का स्वागत किया तथा आशीर्वाद प्राप्त किया।

देव डंगरों के दिव्य नृत्य और जयकारों के बीच शुरू हुई चित्रशिला धाम यात्रा

चित्रशिला घाट पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने गौला नदी में आस्था की डुबकी लगाई। इसके बाद माता चित्रशिला का पवित्र स्नान, पूजन-अर्चन और विधिवत परिक्रमा की गई। श्रद्धालुओं ने माँ जिया रानी के मंदिर में दर्शन कर परिवार, समाज और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और भाईचारे की मंगलकामना की। मान्यता है कि सच्चे मन से चित्रशिला धाम में पूजा-अर्चना करने पर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।


इस पावन अवसर पर नैनीताल सांसद अजय भट्ट, पूर्व विधायक महेश नेगी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और सैकड़ों श्रद्धालुओं ने माँ जिया रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सभी ने इस ऐतिहासिक यात्रा को उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, सनातन परंपराओं और लोक संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता का संदेश देते हैं।

सनातन आस्था का महासंगम, श्रद्धालुओं से गुलजार हुआ चित्रशिला धाम

सदियों से चली आ रही चित्रशिला धाम यात्रा आज भी उत्तराखंड की लोक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु इस पावन यात्रा में शामिल होकर माँ जिया रानी और कत्यूर देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हैं।