ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित 'सर्वोत्तम एग्रो कोऑपरेटिव सोसाइटी' द्वारा आम जनता से धोखाधड़ी करके करोड़ों रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। कंपनी के डायरेक्टर्स द्वारा लोगों को भारी मुनाफे का झांसा देकर RD, FD और किश्तों के नाम पर ₹75 लाख से अधिक की भारी धनराशि ठगी गई थी।
जानकारी के अनुसार यह सोसाइटी वर्ष 2014 में केंद्रीय कृषि मंत्रालय से पंजीकृत बताई गई थी। आरोपियों ने लोगों को अधिक ब्याज और कंपनी में नौकरी का लालच देकर, जनता से किश्तें जमा करवाई गईं और बाद में दफ्तर बंद करके डायरेक्टर व अन्य कर्मचारी फरार हो गए।जहाँ देहरादून की कैंट कोतवाली और उत्तराखंड एसटीएफ (STF) ने मामले का संज्ञान लेते हुए धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया। ऋषिकेश के राजेंद्र सिंह बिष्ट और पीतांबर पाल सहित 11लोगो को मुख्य आरोपी बनाया गया है,
उत्तराखंड सरकार के सहकारिता रजिस्ट्रार को मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज (MSCS) एक्ट, 2002 की धारा 108 के तहत इस सोसाइटी की फिजिकल जांच के आदेश दिए गए।नवंबर 2025 में सौंपी गई आधिकारिक निरीक्षण रिपोर्ट ने चौंकाने वाला खुलासा किया।रिपोर्ट में साफ कहा गया कि ऋषिकेश के गुमानीवाला स्थित पंजीकृत पते पर यह सोसाइटी अस्तित्व में ही नहीं है और वहां कोई कामकाज नहीं चल रहा है। इसके अलावा, सोसाइटी ने सरकारी पोर्टल पर अपना अनिवार्य वार्षिक रिटर्न (Annual Returns) भी दाखिल नहीं किया था। फिलहाल सरकार कथित कंपनी को नोटिस देकर विधिक कार्यवाही पर जुट गई है ताकि इस फर्जी कंपनी पर ताला लगाकर जनता के पैसो को रिकवर करने की कार्यवाही की जा सके !