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23 Jul, 2026 by Admin

100 साल से अधिक पुराने भीमताल ब्रिटिशकालीन डैम का विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण, सुरक्षा और मजबूती का होगा तकनीकी आकलन

राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ टीम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने किया संयुक्त निरीक्षण, आवश्यक मरम्मत के बिंदु किए चिन्हित


"भीमताल का यह डैम 100 वर्ष से अधिक पुराना और ऐतिहासिक महत्व का है। ऐसे पुराने बांधों का समय-समय पर वैज्ञानिक एवं तकनीकी मूल्यांकन बेहद आवश्यक होता है। आज हमारी टीम ने डैम की संरचनात्मक स्थिति, सुरक्षा मानकों और भविष्य में आवश्यक सुदृढ़ीकरण कार्यों का निरीक्षण किया है। जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तकनीकी मानकों के अनुरूप सुझाव दिए जाएंगे। हमारी प्राथमिकता है कि यह डैम आने वाले वर्षों में भी पूरी तरह सुरक्षित रहे और स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए किसी प्रकार का जोखिम उत्पन्न न हो। निरीक्षण के आधार पर विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके अनुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।"

नैनीताल जनपद के प्रसिद्ध भीमताल में स्थित 100 वर्ष से अधिक पुराने ब्रिटिशकालीन डैम का मंगलवार को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों एवं सिंचाई विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने विस्तृत निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य डैम की वर्तमान संरचनात्मक स्थिति का मूल्यांकन करना, उसकी सुरक्षा का आकलन करना तथा भविष्य में आवश्यक मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्यों की रूपरेखा तैयार करना था।

निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने डैम के विभिन्न हिस्सों का बारीकी से परीक्षण किया। टीम ने उन स्थानों को चिन्हित किया, जहां संरचनात्मक मजबूती बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की गई। साथ ही डैम की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तकनीकी परीक्षण भी किए गए।

निरीक्षण में केंद्र से पहुंचे वैज्ञानिक बी. डी. पाटनी सहित विशेषज्ञों ने डैम की वर्तमान स्थिति का अध्ययन करते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने डैम के रखरखाव, पूर्व में किए गए मरम्मत कार्यों तथा वर्तमान सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी भी टीम को दी।

विशेषज्ञों का कहना है कि भीमताल डैम ऐतिहासिक और तकनीकी दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। चूंकि यह संरचना एक शताब्दी से अधिक पुरानी हो चुकी है, इसलिए समय-समय पर इसकी विस्तृत जांच और वैज्ञानिक परीक्षण आवश्यक हैं, ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार के संभावित जोखिम से बचा जा सके।

टीम द्वारा निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर डैम के आवश्यक सुदृढ़ीकरण, मरम्मत एवं संरक्षण संबंधी कार्यों की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इससे डैम की सुरक्षा और इसकी उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहेगी।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ बी. डी. पाटनी ने बताया कि निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य डैम की संरचनात्मक स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करना है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सुधार की आवश्यकता होगी, वहां तकनीकी मानकों के अनुरूप सुदृढ़ीकरण कार्यों की अनुशंसा की जाएगी, जिससे भविष्य में डैम पूरी तरह सुरक्षित और मजबूत बना रहे।