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24 May, 2026 by Admin

एक कदम भविष्य की ओर .......2,500 करोड़ के निवेश से बना देश का पहला 'एआई-ऑगमेंटेड' स्मार्ट कैंपस चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी बदलेगा उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य

2,500 करोड़ के निवेश से बना देश का पहला 'एआई-ऑगमेंटेड' स्मार्ट कैंपस चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी बदलेगा उत्तराखंड के युवाओं का भविष्य


हल्द्वानी के युवाओं के लिए वैश्विककरियर का नया द्वार:

उत्तराखंड के युवाओं को अब नहीं छोड़ना पड़ेगा अपना घर: सीयू यूपी के अल्ट्रा हाइटेक स्मार्ट कैंपस में मिलेगा एआई और एडवांस्ड रिसर्च का ग्लोबल इकोसिस्टम

कुमाऊं और हल्द्वानी के छात्रों के लिए बड़ी सौगात: गूगल-माइक्रोसॉफ्ट जैसी ग्लोबल कंपनियों के सीधे सहयोग से तैयार हो रही है 'फ्यूचर-रेडी' युवा पीढ़ी

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी 23 से अधिक टॉप ग्लोबल और नेशनल कंपनियों से एमओयू; डॉ. हिमांशु त्रिपाठी, डीन, साइंसेज़, सीयू यूपी बोले अब उत्तराखंड की प्रतिभाओं को बड़े अवसरों के लिए महानगरों की ओर भटकने की जरूरत नहीं

तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था और एआई के इस दौर में अब पारंपरिक डिग्रियां युवाओं के सपनों को उड़ान देने के लिए नाकाफी साबित हो रही हैं। आने वाला समय केवल उन्हीं युवाओं का होगा जो तकनीकी रूप से स्किल्ड और ग्लोबल कॉर्पोरेट वर्ल्ड के लिए पूरी तरह 'इंडस्ट्री-रेडी' होंगे। उत्तराखंड, विशेष रूप से हल्द्वानी और कुमाऊं क्षेत्र के होनहार स्टूडेंट्स की इसी जरूरत को पूरा करने के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, उत्तर प्रदेश देश के पहले ' एआई -ऑगमेंटेड मल्टीडिसिप्लिनरी' शिक्षा मॉडल के रूप में उभर चुका है। लगभग 2,500 करोड़ के बड़े निवेश से विकसित यह हाइटेक स्मार्ट कैंपस हल्द्वानी के युवाओं को सीधे ग्लोबल मंच पर पहचान दिलाने के लिए तैयार है।


हल्द्वानी में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. हिमांशु त्रिपाठी, डीन, साइंसेज़, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, यूपी ने कहा, "उत्तराखंड के युवाओं में अदम्य प्रतिभा और कुछ नया करने का जज्बा है। लेकिन अक्सर वर्ल्ड-क्लास टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड रिसर्च और बेहतरीन कॉर्पोरेट एक्सपोज़र की कमी के चलते उन्हें अपने घर-परिवार को छोड़कर बड़े महानगरों का रुख करना पड़ता था। सीयू यूपी इसी भौगोलिक और तकनीकी अंतर को हमेशा के लिए समाप्त कर रहा है। अब हल्द्वानी के छात्र अपने ही क्षेत्र के पास रहते हुए एआई, क्वांटम टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और डेटा साइंस जैसी फ्यूचर की तकनीकों में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा पा सकेंगे।"

उन्होंने आगे कहा कि आज के दौर में शिक्षा का मतलब सिर्फ डिग्री बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को वैश्विक रोजगार के काबिल बनाना है। इसी सोच के साथ सीयू यूपी ने अपने पूरे एकेडमिक ढांचे को हाइटेक इंडसट्री के अनुकूल ढाला है। यूनिवर्सिटी ने गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, आईबीएम जैसी 23 से अधिक दुनिया की टॉप कंपनियों के साथ एमओयू किए हैं, ताकि हमारे छात्रों को थ्योरी के साथ-साथ लाइव प्रोजेक्ट्स और रियल-टाइम कॉर्पोरेट एक्सपीरियंस मिल सके। इसके अलावा 100 से अधिक बड़ी कंपनियों की भागीदारी वाला 'कॉर्पोरेट एडवाइजरी बोर्ड' छात्रों को पहले ही दिन से सही करियर गाइडेंस दे रहा है।

यूनिवर्सिटी के इस अनूठे एआई-एनहैंस्ड इकोसिस्टम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए 68 विशेष प्रोग्राम्स लॉन्च किए गए हैं, जिनमें 40 अंडरग्रेजुएट, 16 पोस्टग्रेजुएट और 12 लेटरल एंट्री प्रोग्राम शामिल हैं। साथ ही, देश की रिसर्च दिशा को बदलने के लिए 22 मल्टीडिसिप्लिनरी पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किए गए हैं।

उत्तराखंड के मेधावी और आर्थिक रूप से हर वर्ग के छात्रों की राह आसान करने के लिए यूनिवर्सिटी ने अपने स्कॉलरशिप और एडमिशन पोर्टल सीयूसीईटी 2026 की भी घोषणा की है। इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से योग्य विद्यार्थियों के लिए 50 करोड़ तक की विशाल स्कॉलरशिप का प्रावधान किया गया डॉ. हिमांशु त्रिपाठी ने साझा किया कि पिछले सत्र में भी 2,000 से अधिक छात्रों को करोड़ों रुपये की स्कॉलरशिप का सीधा लाभ मिला है, और हल्द्वानी के छात्र भी ऑनलाइन माध्यम से इस स्कॉलरशिप परीक्षा का हिस्सा बनकर देश की सबसे हाइटेक यूनिवर्सिटी में अपनी सीट सुरक्षित कर सकते हैं।

इनोवेशन के मोर्चे पर, कैंपस में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 'कैम्पस टैंक' और 'सीयू एआई स्पेस' जैसी अभूतपूर्व पहल की गई हैं। 'कैम्पस टैंक' के जरिए अब तक 1,000 से अधिक युवा स्टार्टअप्स को 6 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 50 करोड़) की फंडिंग से जोड़ा जा चुका है। वहीं, 'नारी' योजना के माध्यम से तकनीकी रिसर्च में छात्राओं को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है। हाल ही में यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित 'क्वांटम फॉर भारत' मिशन और देश के पहले ‘एआई हेल्थकेयर हैकाथॉन' (जिसमें देश भर से 5,000 से अधिक युवाओं ने भाग लिया) ने सीयू यूपी के विज़न को राष्ट्रीय स्तर पर साबित किया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के समापन पर डॉ. हिमांशु त्रिपाठी, डीन, साइंसेज़, सीयू यूपी ने उत्तराखंड के मीडिया जगत के माध्यम से स्थानीय अभिभावकों और छात्रों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सीयू यूपी सिर्फ एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि उत्तर भारत के युवाओं के भविष्य को बदलने वाला एक संपूर्ण ट्रांसफॉर्मेटिव इकोसिस्टम है, जिसका सबसे पहला और सीधा लाभ हल्द्वानी व कुमाऊं के युवाओं को मिलने जा रहा है।

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