पुस्तकालय, जिम, विवाह घर और नौलों के संरक्षण के बाद अब पंचायत भवन बनेगा 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर', ग्रामीणों को मिलेंगी एक ही छत के नीचे कई सरकारी सेवाएं।
लोहाघाट (चम्पावत)
जनभागीदारी से बदली गांव की तस्वीर, अब पंचायत भवन बनेगा 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर'
मॉडल जिला चम्पावत की रायनगर चौड़ी ग्राम सभा ने एक बार फिर पूरे उत्तराखंड के सामने ग्रामीण विकास की नई मिसाल पेश की है। लोहाघाट से सटे इस गांव में प्रदेश के पहले मिनी ग्रामीण सचिवालय की शुरुआत की गई है। इस पहल का उद्देश्य पंचायत भवन को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ऐसा 'वन स्टॉप सर्विस सेंटर' बनाना है, जहां ग्रामीणों को पंचायत और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी अधिकांश सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकें।
रायनगर चौड़ी लंबे समय से सामुदायिक भागीदारी के बल पर विकास की नई कहानियां लिखता आया है। गांव में जनसहयोग से आधुनिक पुस्तकालय, युवाओं के लिए जिम, विवाह घर, भव्य प्रवेश द्वार, मंदिर निर्माण, आंतरिक मार्गों का सौंदर्यीकरण और पारंपरिक नौलों-धारों का संरक्षण जैसे कई उल्लेखनीय कार्य किए जा चुके हैं। यही कारण है कि यह गांव आज पूरे उत्तराखंड में आदर्श ग्राम सभा के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
मिनी ग्रामीण सचिवालय का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेक ने किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने इसे गांव के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी पहल बताया।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी पंचायत और सरकारी योजनाओं से जुड़ी कई सुविधा
ब्लॉक प्रमुख महेंद्र ढेक ने कहा कि रायनगर चौड़ी ने यह साबित किया है कि जब विकास में जनता की भागीदारी जुड़ती है, तो बदलाव केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरे गांव की तस्वीर बदल जाती है। उन्होंने ग्रामीणों की सड़क और पेयजल संबंधी समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिलाया।

पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल ने कहा कि रायनगर चौड़ी का मॉडल प्रदेश के अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। उनके अनुसार, सरकारी योजनाओं के साथ यदि जनसहयोग और सकारात्मक सोच जुड़ जाए तो ग्रामीण विकास को नई दिशा मिल सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान जानकी राय ने की, जबकि राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक नरेश राय ने संचालन किया। नरेश राय ने कहा कि मिनी ग्रामीण सचिवालय बनने से ग्रामीणों को छोटे-छोटे सरकारी कार्यों के लिए बार-बार ब्लॉक या तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अधिकांश आवश्यक सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी।
जिलाधिकारी की प्रेरणा से साकार हुआ मिनी ग्रामीण सचिवालय का सपना
ग्राम प्रधान जानकी राय:
ग्राम प्रधान जानकी राय ने बताया कि इस पहल की प्रेरणा उन्हें जिलाधिकारी मनीष कुमार से मिली। उन्होंने कहा कि पंचायत भवन को आधुनिक सुविधाओं से विकसित कर ग्रामीणों के लिए एक प्रभावी सेवा केंद्र बनाया जाएगा, जिससे समय, श्रम और धन—तीनों की बचत होगी। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय गांव के जागरूक नागरिकों, शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के सामूहिक प्रयास को दिया।
रायनगर चौड़ी ने पेश किया आत्मनिर्भर गांव का मॉडल, पूरे उत्तराखंड के लिए बनी मिसाल
रायनगर चौड़ी की यह पहल केवल एक पंचायत भवन के विस्तार की कहानी नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि यदि जनभागीदारी, दूरदर्शी नेतृत्व और सामूहिक संकल्प एक साथ हों, तो गांव आत्मनिर्भर विकास का मॉडल बन सकते हैं। उत्तराखंड का पहला मिनी ग्रामीण सचिवालय इसी सोच का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा है।