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16 Jul, 2026 by Admin

मुख्यमंत्री धामी की पहल से रामगढ़ की हर्बल टी को मिली नई पहचान

महिला स्वयं सहायता समूहों ने आत्मनिर्भरता की लिखी नई कहानी, स्थानीय उत्पादों की बढ़ी वैश्विक मांग

नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत जनपद नैनीताल के विकासखंड रामगढ़ स्थित नथुआखान एरोमैटिक प्लांट क्लस्टर महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।

300 से अधिक महिलाओं को मिला स्वरोजगार का मजबूत आधार

नथुआखान क्लस्टर से क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों की 300 से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। ये महिलाएं वैज्ञानिक तरीके से औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती कर उच्च गुणवत्ता वाली हर्बल टी तैयार कर रही हैं। राज्य सरकार द्वारा प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने से महिलाओं की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वे आत्मनिर्भरता की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

स्थानीय जड़ी-बूटियों से तैयार हो रही स्वास्थ्यवर्धक हर्बल टी

महिला स्वयं सहायता समूह कैमोमाइल, तुलसी, पुदीना, थाइम, रोजमेरी, बुरांश और लेमनग्रास जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों से प्राकृतिक गुणों से भरपूर हर्बल टी तैयार कर रहे हैं। बेहतर गुणवत्ता, प्राकृतिक स्वाद और स्वास्थ्य लाभ के कारण यह उत्पाद उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अब रामगढ़ की हर्बल टी स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है।

बेहतर ब्रांडिंग और पैकेजिंग से बढ़ी बाजार में मांग

राज्य सरकार के सहयोग से हर्बल टी की आधुनिक ब्रांडिंग और आकर्षक पैकेजिंग पर विशेष कार्य किया गया है। वर्तमान में यह उत्पाद 250 से 500 ग्राम की पैकिंग में उपलब्ध है। गुणवत्तापूर्ण पैकेजिंग और बेहतर विपणन व्यवस्था के चलते इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे महिला स्वयं सहायता समूहों की आय में निरंतर इजाफा हो रहा है।

महिला सशक्तिकरण की मिसाल बना रामगढ़ मॉडल

यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को उद्यमिता की ओर प्रेरित कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने का सफल मॉडल भी बन चुकी है। आज ये महिलाएं अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित कर रही हैं।

'वोकल फॉर लोकल' से वैश्विक बाजार तक पहुंच

रामगढ़ की हर्बल टी इस बात का प्रमाण है कि यदि स्थानीय संसाधनों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और प्रभावी विपणन का सहयोग मिले, तो ग्रामीण उत्पाद भी वैश्विक बाजार में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकते हैं। यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के "आत्मनिर्भर उत्तराखंड" के विजन को मजबूती प्रदान करते हुए महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास की दिशा में नई संभावनाओं के द्वार खोल रही है।

यह सफलता केवल एक उत्पाद की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास, मेहनत और आत्मनिर्भरता की उस यात्रा की कहानी है, जो आज पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बन चुकी है।