*श्रावणी मेले का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने जागेश्वर धाम में की पूजा-अर्चना*
16 Jul, 2026 by
Admin
*श्रावणी मेले का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने जागेश्वर धाम में की पूजा-अर्चना*
"हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा जागेश्वर धाम, श्रावणी मेले का भव्य शुभारंभ":
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा जागेश्वर का जलाभिषेक कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की, हरेला पर्व पर पौधरोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश। 147 करोड़ की मास्टर प्लान परियोजना से निखरेगा प्राचीन धाम।
"ॐ नमः शिवाय... हर-हर महादेव... जय बाबा जागेश्वर..." के गगनभेदी जयघोष और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में गुरुवार को श्रावणी मेले का विधिवत शुभारंभ हुआ। सावन के पावन महीने में शिवभक्ति की अनूठी छटा के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा जागेश्वर के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख, शांति, समृद्धि तथा जनकल्याण की कामना की।
हरेला पर्व के अवसर पर मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर में पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, हरियाली और पर्यावरण के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें संरक्षित रखने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि बाबा जागेश्वर की तपोभूमि केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि भारतीय सनातन संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 147 करोड़ रुपये की लागत से संचालित जागेश्वर मास्टर प्लान के तहत मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के विस्तार और आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस योजना में धाम की प्राचीन पहचान और ऐतिहासिक स्वरूप को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिससे धार्मिक पर्यटन के साथ स्थानीय रोजगार और अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जागेश्वर धाम आगमन के बाद देशभर के श्रद्धालुओं का आकर्षण लगातार बढ़ा है। बीते दो महीनों में चार लाख से अधिक श्रद्धालु धाम पहुंच चुके हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और पर्यटन गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार "विकल्प रहित संकल्प" के मंत्र के साथ उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। धार्मिक पर्यटन, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं ताकि उत्तराखंड देश के अग्रणी राज्यों में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सके।
उन्होंने श्रद्धालुओं से श्रावणी मेले के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और देवभूमि की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने का संदेश जन-जन तक पहुंचाने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रावणी मेला केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि हमारी लोक संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता का भी उत्सव है।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक मोहन सिंह मेहरा, जिला पंचायत अध्यक्षा हेमा गैड़ा, मेयर अजय वर्मा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, एसएसपी चंद्रशेखर आर.एस., जागेश्वर मंदिर समिति के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
"ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥"
सावन के प्रथम चरण में शिवभक्ति, हरेला की हरियाली और देवभूमि की आध्यात्मिक आभा ने जागेश्वर धाम को भक्ति, आस्था और प्रकृति संरक्षण के अद्भुत संगम में परिवर्तित कर दिया।