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23 Jul, 2026 by Admin

"तीन बच्चों की शर्त पर हाईकोर्ट में बड़ी सुनवाई, सरकार से 4 सप्ताह में जवाब तलब

तीन बच्चों की शर्त पर हाईकोर्ट में सवाल, राज्य सरकार से 4 सप्ताह में जवाब तलब:

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नगर पालिका चुनाव लड़ने की अयोग्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई, महाधिवक्ता को भी नोटिस जारी

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नगर पालिका और म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनावों में तीन से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने वाले प्रावधान को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही महाधिवक्ता को भी नोटिस जारी किया गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।

एक नज़र.....

उधम सिंह नगर के किच्छा निवासी नईम उल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उत्तराखंड नगर पालिका (संशोधन) अधिनियम, 2003 की उस व्यवस्था को चुनौती दी है, जिसके तहत वर्ष 2003 के बाद तीन बच्चों वाले व्यक्ति को नगर निकाय चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य माना जाता है।

याचिकाकर्ता का कहना है कि पंचायत चुनावों में यह प्रावधान 27 सितंबर 2019 से लागू हुआ, जबकि नगर निकायों में यह प्रतिबंध पहले से प्रभावी है। उनका तर्क है कि पहले उनका क्षेत्र ग्राम पंचायत के अंतर्गत था, जहां वे चुनाव लड़ने के पात्र थे। लेकिन अब ग्राम पंचायत को नगर पालिका क्षेत्र में शामिल कर दिए जाने के कारण वही नियम उनके लिए अयोग्यता का आधार बन गया है।

याचिका में कहा गया है कि नगर निकायों का विस्तार ग्राम पंचायतों को शामिल कर ही किया जाता है। ऐसे में एक ही राज्य में अलग-अलग स्थानीय निकायों के लिए अलग-अलग तिथियों से लागू दो कानून नागरिकों के साथ समानता के सिद्धांत के विपरीत हैं और यह संविधान प्रदत्त अधिकारों का उल्लंघन है। इसलिए संबंधित प्रावधान पर रोक लगाने की मांग की गई है।