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25 Aug, 2026 by Admin

हल्द्वानी

विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा को मंच देने और सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आज विसडम सीनियर सेकंड्री विद्यालय प्रांगण में भव्य वार्षिक अंतर-सदन (इंटर-हाउस) सांस्कृतिक नृत्य प्रतियोगिता का शानदार आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में विद्यालय के चारों सदनों (हाउस) के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए बड़े उत्साह के साथ भाग लिया।
​कार्यक्रम का गरिमामय शुभारंभ विद्यालय के निदेशक राजेन्द्र सिंह पोखरिया तथा प्रधानाचार्य त्रिवेणी चन्द्र कबडवाल द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

भारत के लोक नृत्यों और 'विविधता में एकता' की दिखी झलक

इस वर्ष प्रतियोगिता का मुख्य विषय 'भारत के लोक नृत्य / विविधता में एकता' रखा गया था। रंग-बिरंगी पारम्परिक पोशाकों में सजे विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से सभागार में मौजूद सभी दर्शकों और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
*​शास्त्रीय नृत्य: कथक और भरतनाट्यम की भावपूर्ण और लयबद्ध प्रस्तुतियों ने भारतीय शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा को उजागर किया।
*​लोक Catch: भांगड़ा की ऊर्जा, गरबा का उत्साह और बिहू के तालमेल से भरे जीवंत प्रदर्शन ने पूरे सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।


अग्नि हाउस बना विजेता

सभी सदनों के बीच कड़े और रोमांचक मुकाबले के बाद निर्णायक मंडल (जज) ने अग्नि हाउस को प्रतियोगिता का विजेता घोषित किया। वहीं, अपने बेहतरीन प्रदर्शन के बदौलत पृथ्वी हाउस ने दूसरा स्थान हासिल किया।

मेधावियों का सम्मान और प्रोत्साहन

विद्यालय के प्रबंध ​निदेशक राजेन्द्र सिंह पोखरिया ने प्रतिभागियों और विजेता टीम को बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यार्थियों के हुनर, अनुशासन और उनकी कड़ी मेहनत की जमकर सराहना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा, की ​"संस्कृति और कला किसी भी समाज की आत्मा होती हैं। आज हमारे विद्यार्थियों ने जिस ऊर्जा, अनुशासन और समर्पण के साथ भारत की विविधतापूर्ण सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया है, वह अत्यंत सराहनीय है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों का सर्वांगीण विकास करना और उन्हें अपनी जड़ों व मूल्यों से जोड़े रखना है।​ऐसे अंतर-सदन आयोजन विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, नेतृत्व क्षमता और परस्पर सहयोग की भावना का निर्माण करते हैं।

प्रधानाचार्य श्री त्रिवेणी चन्द्र कबडवाल ने सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई देते हुए कहा ऐसे आयोजन न केवल विद्यार्थियों में टीम भावना और आत्मविश्वास का संचार करते हैं, बल्कि उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों और जड़ों से भी जोड़ते हैं।"कार्यक्रम के अंत में प्रथम और द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले सदनों के विद्यार्थियों को निदेशक महोदय द्वारा ट्रॉफी एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
​इस सफल आयोजन का मंच संचालन कार्यक्रम प्रभारी अध्यापिका प्रभा रजवार, सहयोगी सुधा सिंह और अरुण सिंह द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।