UKSSSC के नाम पर फर्जीवाड़ा! नकली रिजल्ट और इंटरव्यू कॉल लेटर से युवाओं से खेला करने की कोशिश
29 Aug, 2026
by Admin
कनिष्ठ सहायक भर्ती के नाम पर भेजी गई फर्जी मेरिट लिस्ट, 11 अभ्यर्थियों को नगर निगम हल्द्वानी में इंटरव्यू के लिए बुलाया; आयोग अध्यक्ष बोले—साइबर सेल को जांच सौंपी
हल्द्वानी/देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को निशाना बनाकर एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के नाम और आधिकारिक प्रारूप का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए अभ्यर्थियों को फर्जी मेरिट सूची और इंटरव्यू कॉल लेटर भेजे गए हैं। मामले की जानकारी सामने आने के बाद आयोग ने भी इसे गंभीरता से लिया है और फर्जी ई-मेल की जांच साइबर सेल को सौंपने की बात कही है।
11 अभ्यर्थियों को भेजी गई फर्जी मेरिट सूची
जानकारी के अनुसार, करीब 11 अभ्यर्थियों को ई-मेल के माध्यम से एक कथित मेरिट सूची भेजी गई। इस सूची में पद का नाम क्लर्क/कनिष्ठ सहायक (संविदा) और विज्ञापन संख्या 56/30/आ०से०च०अ/2026 अंकित की गई है।
फर्जी दस्तावेज में दावा किया गया कि 24 मई 2026 को आयोजित लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों की प्रावधिक मेरिट सूची तैयार की गई है। पत्र में रोल नंबर, प्राप्तांक, चयन संबंधी शर्तें और दस्तावेज सत्यापन जैसी जानकारियां भी दर्ज हैं, जिससे इसे देखने में आधिकारिक दस्तावेज जैसा बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि दस्तावेजों में आयोग के नाम, लोगो और सचिव के हस्ताक्षर जैसी चीजों का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि अभ्यर्थियों को गुमराह किया जा सके।
हल्द्वानी नगर निगम में इंटरव्यू के लिए बुलाया
फर्जी ई-मेल के साथ अभ्यर्थियों को इंटरव्यू कॉल लेटर भी भेजे गए। इसमें उन्हें क्लर्क पद के लिए शॉर्टलिस्ट होने की सूचना देते हुए 29 अगस्त 2026 को सुबह 10 बजे नगर निगम हल्द्वानी में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए।
कॉल लेटर में अभ्यर्थियों से मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र, चरित्र प्रमाणपत्र और पहचान संबंधी दस्तावेज साथ लाने को कहा गया था।
आयोग की वेबसाइट पर नहीं मिला भर्ती का रिकॉर्ड
एक पीड़ित अभ्यर्थी के अनुसार, जब उन्होंने भर्ती और परिणाम से संबंधित जानकारी की पड़ताल की तो आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इस संबंध में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। इसके बाद पूरे मामले को लेकर संदेह गहराया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे बेरोजगार युवाओं की उम्मीदों के साथ इस तरह का खिलवाड़ बेहद गंभीर है। आशंका जताई जा रही है कि ऐसे फर्जी संदेशों का इस्तेमाल युवाओं की निजी जानकारी हासिल करने या किसी अन्य तरह की ठगी के लिए किया जा सकता है।
UKSSSC अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया बोले—मामला पूरी तरह फर्जी, साइबर सेल को भेजी जांच
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष जीएस मर्तोलिया ने मामले को लेकर कहा कि यह प्रकरण आयोग के संज्ञान में है और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आयोग के नाम से पूरी तरह फर्जी ई-मेल अभ्यर्थियों को भेजी गई है।
उन्होंने कहा, की आयोग के नाम से जिन लोगों को फर्जी मेल को भेजी गई है, उसका आयोग से कोई लेना-देना नहीं है। हमने मामले की जांच के लिए इसे साइबर सेल को भेज दिया है। साथ ही संबंधित विभाग को भी नियमों के अनुसार कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया गया है।”
युवाओं से सतर्क रहने की अपील
आयोग और संबंधित सूत्रों की ओर से अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि भर्ती, परीक्षा परिणाम, मेरिट सूची और दस्तावेज सत्यापन से जुड़ी किसी भी सूचना की पुष्टि केवल आयोग के आधिकारिक माध्यमों से ही करें।
अभ्यर्थियों को किसी भी संदिग्ध ई-मेल, कॉल लेटर या फोन कॉल के आधार पर अपने निजी दस्तावेज साझा करने अथवा किसी स्थान पर पहुंचने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि करने की सलाह दी गई है।
फिलहाल इस फर्जीवाड़े को लेकर जांच शुरू कर दी गई है। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि UKSSSC के नाम पर युवाओं को भ्रमित करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं और उनका उद्देश्य क्या था।