हल्द्वानी। पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (PCTM), हल्द्वानी एवं Visionary India के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित Visionary India Model United Nations (VIMUN) 2026 का शुभारंभ उत्साह, बौद्धिक ऊर्जा और वैश्विक सोच के वातावरण में हुआ। सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय रक्षा एवं पर्यटन राज्य मंत्री एवं वरिष्ठ जनप्रतिनिधि माननीय श्री अजय भट्ट जी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ मे पाल कॉलेज की छात्राओं कु. भूमिका सुयाल, कु. हिमानी नेगी एवं कु. जयश्री चौहान द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद कॉलेज के विद्यार्थियों द्वारा गठित Prism Band ने शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों और प्रतिभागियों का मन मोह लिया।

युवाओं में वैश्विक नेतृत्व क्षमता विकसित करना Visionary India का लक्ष्य : आयोजन टीम
Visionary India का मूल उद्देश्य देश के युवाओं को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर स्वतंत्र विचार रख सकें, तार्किक बहस कर सकें और समाधान आधारित सोच विकसित कर सकें। VIMUN जैसे आयोजन युवाओं में आत्मविश्वास, शोध क्षमता, संवाद कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और वैश्विक दृष्टिकोण को मजबूत करने का कार्य करते हैं।

अजय भट्ट ने लोकतंत्र और कूटनीति पर दिया प्रेरणादायी :: संदेश “युवा ही भारत के भविष्य के नीति निर्माता हैं”
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए माननीय श्री अजय भट्ट जी ने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचारों के आदान-प्रदान, संवाद, सहमति-असहमति और बेहतर समाधान खोजने की निरंतर प्रक्रिया है।
उन्होंने अपने संसदीय अनुभवों को विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए कहा कि संसद में प्रत्येक चर्चा का उद्देश्य राष्ट्रहित और जनकल्याण होता है। उन्होंने कहा कि VIMUN जैसे मंच विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक व्यवस्था को करीब से समझने, कूटनीतिक सोच विकसित करने और वैश्विक चुनौतियों पर समाधान प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि भविष्य का नीति निर्माता, उद्यमी और नेतृत्वकर्ता है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं में निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।

"कक्षा से वैश्विक मंच तक विद्यार्थियों को पहुंचाने का माध्यम है VIMUN : निर्भय पाल"
पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट के प्रबंध निदेशक श्री निर्भय पाल जी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को बदलती हुई दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि पाल कॉलेज समूह हमेशा से विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और वैश्विक अवसरों से जोड़ने के लिए प्रयासरत रहा है। VIMUN जैसे आयोजन इसी सोच का विस्तार हैं, जहां छात्र कक्षा की सीमाओं से बाहर निकलकर वास्तविक दुनिया के मुद्दों को समझते हैं और समाधान आधारित सोच विकसित करते हैं।
श्री निर्भय पाल ने कहा कि आज के युवा में अपार क्षमता है। आवश्यकता केवल उन्हें सही मंच, सही दिशा और अवसर प्रदान करने की है। VIMUN 2026 इसी उद्देश्य के साथ आयोजित किया गया है ताकि विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय मंचों की कार्यप्रणाली को समझ सकें और भविष्य में देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए सक्षम बन सकें।

छह समितियों में हुआ वैश्विक मुद्दों पर मंथन
सम्मेलन के प्रथम दिवस में छह समितियों में विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा आयोजित की गई।
लोकसभा समिति में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव, निर्वाचन
नामावली पुनरीक्षण और मतदाता धोखाधड़ी जैसे विषयों पर संसदीय शैली में चर्चा हुई।
IPL
समिति में IPL Mega Auction का आयोजन किया गया, जहां प्रतिभागियों ने टीम रणनीति, खिलाड़ी चयन और खेल प्रबंधन की बारीकियों को समझा।
UNCSW
समिति में मानवाधिकार एवं न्याय से जुड़े अंतरराष्ट्रीय विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
UNHRC
समिति में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, कूटनीतिक हस्तक्षेप और वैश्विक सहयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रतिनिधियों ने अपने विचार रखे।
-: गरिमामयी उपस्थिति :-
कार्यक्रम में पाल कॉलेज परिवार की ओर से अध्यक्ष श्री नारायण पाल जी, प्रबंध निदेशक श्री निर्भय पाल जी, सचिव श्रीमती कामिनी पाल जी, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स सदस्य श्रीमती शिवांगी पाल जी एवं जनसंपर्क अधिकारी श्रीमती शुभांगी शांडिल्य उपस्थित रहे।

Visionary India की ओर से Finance Advisor स्वर्णिम, Co-Founder एवं Director General हरमन सिंह, Co-Founder ऋषभ खत्री, अनिश्का, ओजस्विन सहित आयोजन टीम के सदस्यों ने सम्मेलन के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
VIMUN 2026 का प्रथम दिवस युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, वैश्विक सोच, नेतृत्व क्षमता और कूटनीतिक समझ विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। आगामी सत्रों में भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर गहन विमर्श और नीति आधारित संवाद जारी रहेगा।