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01 Sep, 2026 by Admin

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून के दौरान लगातार हो रही भारी बारिश, भूस्खलन और सड़क बाधित होने की घटनाओं के बीच राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है। आपदा प्रबंधन मंत्री मदन कौशिक ने कहा कि प्रदेश में किसी भी आपदा से निपटने के लिए सरकार ने पहले से व्यापक तैयारियां की हैं और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तत्काल मौके पर भेजा जा रहा है।
मंत्री मदन कौशिक ने बताया कि राज्य के सभी 13 जिलों में लगातार मॉकड्रिल आयोजित की गई हैं। इनमें ग्राम प्रधानों, जनप्रतिनिधियों, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों को आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों का प्रशिक्षण दिया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के बीच भी बेहतर समन्वय स्थापित किया गया है।

मुख्यमंत्री लगातार कर रहे हालात की समीक्षा

मदन कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं आपदा से जुड़े हालात की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। शासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा या दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद राहत एवं बचाव दलों को तत्काल रवाना किया जा रहा है। मंत्री ने हाल की एक घटना का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उनकी टीम ने पांच मिनट से भी कम समय में 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की।

1 सितंबर की बारिश में 8 लोगों की मौत

प्रदेश में 1 सितंबर को हुई भारी बारिश ने कई क्षेत्रों में मुश्किलें बढ़ा दीं। सूत्रों की जानकारी के अनुसार, पिछले 24 घंटे में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 8 लोगों की मौत हुई। नैनीताल में भारी बारिश के बाद नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया, जिसके बाद प्रशासन को झील के चैनल खोलने पड़े।
अल्मोड़ा के हवालबाग ब्लॉक के उडयूडा गांव में बारिश के बाद मकान में मलबा घुसने से दो महिलाओं और एक बच्चे की मौत की घटना भी सामने आई।

सड़कें भी बारिश से प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन से प्रदेश के कई हिस्सों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। 1 सितंबर की उपलब्ध State Emergency Operation Centre (SEOC) संबंधी जानकारी में 118 सड़कों के बंद होने की सूचना सामने आई। वहीं कुमाऊं मंडल में 141 सड़कों के बाधित होने की अलग रिपोर्ट सामने आई है। रुद्रप्रयाग में भी लगातार बारिश के कारण 15 ग्रामीण सड़कें बंद होने और हाईवे पर मलबा आने से यातायात प्रभावित होने की सूचना है।

ऑरेंज अलर्ट के बीच प्रशासन अलर्ट

उत्तराखंड में मानसून को लेकर मौसम विभाग की चेतावनी के बीच प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों में स्कूलों, निजी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं।
प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के तहत संबंधित जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अवकाश घोषित किया गया है। अधिकारियों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश के दौरान जलभराव, भूस्खलन, नदी-नालों के उफान और सड़क बाधित होने की आशंका को देखते हुए विद्यार्थियों और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यह निर्णय लिया गया है।
अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर न भेजें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
मदन कौशिक ने कहा कि सरकार का पूरा फोकस आपदा की स्थिति में त्वरित राहत, बचाव और जनहानि को न्यूनतम करने पर है। उन्होंने कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं और प्रदेश किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।