जन्माष्टमी पर पाल कॉलेज में दिखा वृंदावन सा नजारा” “राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियों और दही-हांडी ने बांधा समां”
02 Sep, 2026
by Admin
पाल कॉलेज में कृष्णमय हुआ माहौल, राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियों और दही-हांडी ने बांधा समां
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर PCTM में भक्ति, संस्कृति और युवा प्रतिभा का अनूठा संगम; विद्यार्थियों ने नृत्य-भजनों से मोहा मन
हल्द्वानी। कहीं राधा-कृष्ण के रूप में सजे विद्यार्थी, कहीं गूंजते भजन और जयकारे, तो कहीं दही-हांडी फोड़ने को उत्साहित युवाओं की टोली—पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (PCTM) का पूरा परिसर श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कृष्णमय हो उठा। भक्ति, संगीत, नृत्य और भारतीय संस्कृति के रंगों से सजे इस भव्य आयोजन में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए जन्माष्टमी उत्सव को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में उत्तराखंड खेल विभाग के सेवानिवृत्त उपनिदेशक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ी श्री सुरेश चंद्र पांडेय, अल्मोड़ा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। वहीं प्रसिद्ध कवयित्री एवं लेखिका श्रीमती अनीता चंद्रा, डॉ. तनुजा मेलखानी, सहायक प्राध्यापक, एल.बी.एस. कॉलेज हल्दूचौड़ एवं अध्यक्ष, कल्याणी महिला समिति तथा श्रीमती ममता रौतेला, शिक्षाविद्, प्रशिक्षक एवं ललित कला और संगीत के क्षेत्र में सक्रिय समाजसेवी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियों से मंत्रमुग्ध हुआ सभागार
जन्माष्टमी समारोह में छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण और राधा पर आधारित मनमोहक नृत्य, भजन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। कृष्ण की बाल लीलाओं और राधा-कृष्ण की भक्ति को विद्यार्थियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से बेहद खूबसूरती से मंच पर उतारा।
विद्यार्थियों की भावपूर्ण प्रस्तुतियों के दौरान सभागार तालियों और जयकारों से गूंजता रहा। मंच पर प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने ऐसा वातावरण बना दिया, मानो उपस्थित लोग वृंदावन की भक्ति में शामिल हो गए हों।
गिरीश पलड़िया के भजन ने बांधा भक्तिरस
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के संकाय सदस्य श्री गिरीश पलड़िया ने मधुर भजन की प्रस्तुति दी। भजन की भावपूर्ण प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। विद्यार्थियों और अतिथियों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।
दही-हांडी बनी आकर्षण का केंद्र
जन्माष्टमी समारोह का समापन पारंपरिक दही-हांडी आयोजन के साथ हुआ। विद्यार्थियों के एक समूह ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ दही-हांडी कार्यक्रम में भाग लिया और भगवान श्रीकृष्ण की माखन-चोरी लीला को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।
दही-हांडी के दौरान विद्यार्थियों का जोश देखते ही बना। इस आयोजन ने समारोह में उत्सव और मनोरंजन का रंग भरने के साथ विद्यार्थियों को भारतीय लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश भी दिया।
शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति पर जोर
पाल कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित जन्माष्टमी समारोह का उद्देश्य केवल पर्व मनाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना भी रहा।
कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक शिक्षा के साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व में संस्कार, रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी जरूरी है। इसी सोच के तहत संस्थान में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों को भी मंच प्रदान किया जाता है।
अध्यक्ष नारायण पाल ने किया विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन
कार्यक्रम में कॉलेज अध्यक्ष श्री नारायण पाल ने विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और उत्साह की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास और सामूहिकता की भावना को मजबूत करते हैं।
प्रबंध निदेशक निर्भय पाल ने शिक्षा और संस्कार को बताया जरूरी
प्रबंध निदेशक श्री निर्भय पाल ने विद्यार्थियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा के साथ संस्कारों को महत्व देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका संदेश रहा कि एक बेहतर शिक्षण संस्थान केवल विद्यार्थियों को अकादमिक रूप से मजबूत नहीं बनाता, बल्कि उन्हें जिम्मेदार, संवेदनशील और आत्मविश्वासी नागरिक बनने के लिए भी तैयार करता है।
सीईओ अतुल पाल ने प्रतिभाओं को मंच देने पर दिया जोर
मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अतुल पाल ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने का बेहतर माध्यम हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अतिथियों ने भी की विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना
मुख्य अतिथि श्री सुरेश चंद्र पांडेय ने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियों को युवा व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। अपने अनुभवों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत, अनुशासन और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि श्रीमती अनीता चंद्रा, डॉ. तनुजा मेलखानी और श्रीमती ममता रौतेला ने भी विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना की और उन्हें अपनी रचनात्मक प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
भारतीय संस्कृति और युवा ऊर्जा का बना सुंदर संगम
कार्यक्रम में अध्यक्ष श्री नारायण पाल, सचिव श्रीमती कामिनी पाल, प्रबंध निदेशक श्री निर्भय पाल और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अतुल पाल सहित कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
पूरे समारोह ने यह संदेश दिया कि आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, कला और संस्कारों का समन्वय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की मजबूत आधारशिला बन सकता है। राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों से लेकर भक्तिमय भजनों और उत्साह से भरी दही-हांडी तक, PCTM का जन्माष्टमी समारोह भक्ति, संस्कृति और युवा प्रतिभा का यादगार उत्सव बनकर सामने आया।