जन्माष्टमी पर बढ़ी सादे ‘माखन’ की मांग, आंचल डेयरी भी भोग के शुद्ध माखन के साथ तैयार,
29 Aug, 2026
by Admin
श्रीकृष्ण को भोग लगाने के लिए खास तौर पर तैयार हो रहा अनसाल्टेड बटर, पर्व से पहले उत्पादन पर विशेष फोकस
जन्माष्टमी के पर्व को लेकर बाजारों में तैयारियां तेज हो गई हैं।
भगवान श्रीकृष्ण के प्रति आस्था और परंपरा से जुड़ा यह पर्व माखन के भोग के लिए भी विशेष महत्व रखता है। यही वजह है कि जन्माष्टमी के आसपास बिना नमक वाले मक्खन यानी अनसाल्टेड बटर की मांग सामान्य दिनों के मुकाबले बढ़ जाती है।
इसी मांग को देखते हुए उत्तराखंड की प्रमुख दुग्ध सहकारी संस्था आंचल डेयरी ने भी अनसाल्टेड बटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष तैयारी शुरू कर दी है। जन्माष्टमी के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण को माखन का भोग लगाते हैं। ऐसे में घरों के साथ-साथ मंदिरों और धार्मिक आयोजनों में भी अनसाल्टेड बटर की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
आस्था के पर्व को देखते हुए उत्पादन पर विशेष ध्यान
आंचल डेयरी की ओर से पर्व के दौरान उपभोक्ताओं को उनकी जरूरत के मुताबिक उत्पाद उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सामान्य बटर में नमक का इस्तेमाल होता है, जबकि श्रीकृष्ण के भोग के लिए कई श्रद्धालु शुद्ध और बिना नमक वाला मक्खन पसंद करते हैं।
जन्माष्टमी से पहले इसी मांग को ध्यान में रखते हुए आंचल के अनसाल्टेड बटर के उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि बाजार में इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
“जन्माष्टमी आस्था और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। भगवान श्रीकृष्ण को माखन का भोग लगाने की परंपरा के कारण इस अवसर पर अनसाल्टेड बटर की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है। आंचल डेयरी की ओर से पर्व की मांग को ध्यान में रखते हुए अनसाल्टेड बटर की पर्याप्त उपलब्धता और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पाद आसानी से उपलब्ध हों और उन्हें पर्व के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।”
भोग से बाजार तक ‘माखन’ की खास डिमांड
जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए माखन विशेष महत्व रखता है। पूजा की थाली से लेकर मंदिरों में लगने वाले भोग तक, इस दिन मक्खन की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में आंचल का अनसाल्टेड बटर उन उपभोक्ताओं के लिए खास विकल्प बन रहा है, जो जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को बिना नमक वाला मक्खन अर्पित करना चाहते हैं।
जन्माष्टमी के साथ बढ़ती मांग ने डेयरी बाजार में भी ‘माखन’ को खास बना दिया है—जहां इस बार स्वाद के साथ आस्था भी जुड़ी हुई है।