07 Sep, 2026
by Admin
उत्तराखंड में बदला जनगणना का शेड्यूल, चुनाव अपने समय पर ही होंगे
देहरादून। उत्तराखंड में जनगणना-2027 को लेकर केंद्र सरकार ने तारीखों में बदलाव किया है। 5 सितंबर को जारी गजट अधिसूचना के बाद प्रदेश के गैर-बर्फबारी वाले क्षेत्रों में अब जनगणना 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक कराई जाएगी। इससे पहले नागरिकों को 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा मिलेगी।
इस बदलाव के बाद उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी स्थिति काफी हद तक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। जनगणना की नई समय-सारिणी से यह संकेत मिलता है कि प्रदेश में विधानसभा चुनाव अपने निर्धारित समय के आसपास ही होंगे, न कि उससे पहले चुनाव कराने की कोई तत्काल स्थिति बनती है।
जनगणना का मुख्य चरण पूरा होने के बाद 5 से 9 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण दौर भी चलेगा। जनगणना की संदर्भ तिथि इन राज्यों के लिए 5 जनवरी 2027 रखी गई है।
बर्फबारी वाले क्षेत्रों की तारीख अलग
उत्तराखंड के बर्फबारी वाले क्षेत्रों में जनगणना का कार्यक्रम अलग रखा गया है। ऐसे क्षेत्रों के लिए पहले ही अलग समय-सारिणी निर्धारित की जा चुकी है।
चुनाव पर क्या असर?
उत्तराखंड में विधानसभा का कार्यकाल 2027 में समाप्त होना है। ऐसे में जनगणना की नई तारीखों को चुनावी तैयारियों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार चुनावी राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब और गोवा—में जनगणना पहले पूरी कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि आगामी चुनावी प्रक्रिया और जनगणना के काम में टकराव न हो।