एमआईईटी कुमाऊं में Allied Health Sciences पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन
10 Sep, 2026
by Admin
ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंग्लैंड, वियतनाम और न्यूजीलैंड समेत कई देशों के विशेषज्ञ होंगे शामिल, 50 से अधिक संस्थानों के विद्यार्थी और शोधार्थी लेंगे हिस्सा
हल्द्वानी। स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में अंतर्विषयक सहयोग, शोध और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एमआईईटी कुमाऊं कॉलेज ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज, हल्द्वानी में “Interdisciplinary Approach in Allied Health Sciences” विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन 11 और 12 सितंबर 2026 को एमआईईटी कुमाऊं परिसर में आयोजित होगा।
सम्मेलन में ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, न्यूजीलैंड, फ्रांस और इंग्लैंड समेत विभिन्न देशों के विशेषज्ञ एवं वक्ता प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों के करीब 50 महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों से विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षाविद भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
सम्मेलन के दौरान Allied Health Sciences के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ न्यूरो रिहैबिलिटेशन, फिजियोथेरेपी, रेडियोलॉजी, पैथोलॉजी, मेडिकल बायोकेमिस्ट्री, ऑप्टोमेट्री और स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विषयों पर अपने अनुभव और शोध साझा करेंगे।
अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं में फ्रांस की डॉ. कुमारी नम्रिता ने “Physical Therapy for Neurological Conditions in Geriatric Populations” विषय पर व्याख्यान दिया, जबकि इंग्लैंड की श्रीमती दीपिका खनाल ने “Advancing Scope of Practice in Allied Health” विषय पर विचार रखे।
वहीं GD Goenka University, गुरुग्राम की डॉ. शीतल मल्हान ने “Neurorehabilitation Beyond Boundaries: An Interdisciplinary Framework for Precision Recovery” और Bareilly International University की डॉ. साक्षी भटनागर ने “Neuroplasticity and Physiotherapy: Rewiring Recovery in Neurological Rehabilitation” विषय पर जानकारी साझा की।
रेडियोलॉजी के क्षेत्र में Taawar Institute of Science and Technology, Rampur के प्रो. (डॉ.) मोहम्मद उस्मान खान ने “Prospects of Allied Health Sciences: Past, Present and Future” तथा Santosh Deemed University, Ghaziabad के श्री कृपानंद यादव ने “Role of Radiographer and Patient Safety and Radiation Protection” विषय पर व्याख्यान दिया।
मेडिकल बायोकेमिस्ट्री एवं पैथोलॉजी से जुड़े सत्र में Dolphin (PG) Institute of Biomedical & Natural Sciences, Dehradun के डॉ. ज्ञानेंद्र अवस्थी ने “Quality Control in Pathology Laboratories” तथा Late Jagjivan Ram Government Medical College, Pithoragarh के डॉ. पवन जोशी ने “Genetic Editing: Current Advances, Clinical Applications, and Future Perspectives” विषय पर अपने विचार रखे। वहीं SAPKM College of Allied & Health Care Sciences, Kichha के श्री इमरान अहमद अंसारी ने ऑप्टोमेट्री एवं Allied Health Education के क्षेत्र में अपने अनुभव साझा किए।
सम्मेलन का उद्देश्य Allied Health Sciences के विभिन्न विषयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और अनुसंधान, नवाचार तथा आधुनिक स्वास्थ्य तकनीकों को प्रोत्साहित करना है। सम्मेलन में विशेषज्ञ स्वास्थ्य विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नवीनतम शोध, तकनीकी विकास और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
एमआईईटी कुमाऊं के प्रबंध निदेशक एवं पूर्व उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.एस. बिष्ट ने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए स्वास्थ्य विज्ञान की विभिन्न विधाओं के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर के विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने तथा नवीनतम शोध और तकनीकों से जुड़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के साथ Allied Health Sciences के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय अकादमिक सहयोग को भी मजबूत किया जाएगा।