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23 Aug, 2026 by Admin

प्रमुख सचिव वन आर.के. सुधांशु की वित्तीय वर्ष 2024-25 की पूरी टूर डायरी भी मांगी गई है।

देहरादून। भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी संजीव चतुर्वेदी से जुड़े एसीआर ग्रेडिंग विवाद में केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) ने महत्वपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधिकरण ने प्रमुख सचिव वन की वर्ष 2024-25 की टूर डायरी के साथ-साथ संजीव चतुर्वेदी द्वारा विभिन्न मामलों में उठाए गए आरोपों और शिकायतों पर हुई कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड भी तलब किए हैं।

कार्य निरीक्षण को लेकर उठे सवाल

संजीव चतुर्वेदी ने अपनी याचिका में एसीआर में दी गई ग्रेडिंग को चुनौती दी है। उनका कहना है कि संबंधित अधिकारी ने उनके कार्यों का पर्याप्त प्रत्यक्ष निरीक्षण नहीं किया। इस संबंध में उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जिस अवधि के आधार पर उनकी कार्यप्रणाली का मूल्यांकन किया गया, उस दौरान उनके कामकाज की समीक्षा किस आधार पर की गई।
इन्हीं बिंदुओं को देखते हुए CAT ने अब प्रमुख सचिव वन की टूर डायरी भी रिकॉर्ड के रूप में पेश करने को कहा है।
वन विभाग से जुड़े मामलों का रिकॉर्ड भी मांगा
सुनवाई के दौरान CAT ने उन मामलों से संबंधित दस्तावेज भी मांगे हैं, जिन्हें संजीव चतुर्वेदी ने पहले उठाया था। इनमें मुनस्यारी ईको हट से जुड़ा मामला, वन क्षेत्र से सीमा स्तंभ गायब होने का प्रकरण तथा पौधरोपण और खरीद से संबंधित कथित अनियमितताओं के मामले शामिल बताए जा रहे हैं।
न्यायाधिकरण यह देखना चाहता है कि इन मामलों में सरकार और वन विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई।

पहले भी जारी हुए थे नोटिस

एसीआर ग्रेडिंग विवाद में CAT पहले ही प्रमुख सचिव वन सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर चुका है। अब अतिरिक्त रिकॉर्ड और टूर डायरी मांगे जाने के बाद मामले में दस्तावेजों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है।

26 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। इस दौरान सरकार की ओर से मांगे गए दस्तावेज और जवाब न्यायाधिकरण के समक्ष रखे जाने की संभावना है।