रुद्रप्रयाग:
उत्तराखंड में वनाग्नि की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वन विभाग लगातार जनता को जागरूक कर रहा ताकि वनाग्नि की घटनाओ से वन सम्पदा व जन पशु हानि को रोका जा सके इसके लिए अब विभाग हाईटेक तकनीकों से वनो की निगरानी कर रहा है जिससे विभाग की कई समस्याओ का समाधान होता भी दिख रहा है इसी कड़ी में जखोली रेंज में वन विभाग की टीम को ड्रोन निगरानी के दौरान एक व्यक्ति जंगल में आग सुलगाता दिखाई दिया, जिसे विभागीय टीम द्वारा आरोपी व्यक्ति को पकड़ कर उसके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है.

प्रभागीय वनाधिकारी खुद ड्रोन के माध्यम से संवेदनशील वन क्षेत्रों की लगातार निगरानी कर रहे हैं. इसी कड़ी में 20 मई को जखोली रेंज के तैला कक्ष संख्या 7 में ड्रोन कैमरे की निगरानी के दौरान एक व्यक्ति को जंगल में आग लगाते हुए स्पष्ट रूप से देखा गया. सूचना मिलते ही वन दरोगा बड़मा अनुभाग और तैला बीट की टीम तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी अंधेरे और रात का फायदा उठाकर फरार हो गया. वन विभाग की टीम ने अगले दिन 21 मई को घटनास्थल का दोबारा निरीक्षण किया और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की. जांच में खुलासा हुआ कि आग लगाने की घटना को जखोली तहसील के पंद्रोला कुमड़ी के त्रिलोक सिंह जगवान ने अंजाम दिया था. पूछताछ में आरोपी ने वन क्षेत्र में आग लगाने की बात स्वीकार कर ली.

आरोपी के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 (संशोधित 2001) की धारा 26(ख) एवं 26(ग) के अंतर्गत वन अपराध दर्ज किया गया है. इन धाराओं के तहत आर्थिक दंड के साथ अधिकतम दो साल तक के कारावास का प्रावधान है.